MY भारत देश के हर ज़िले, ब्लॉक और युवा नागरिक तक पहुँचेगा : डॉ. मनसुख मांडविया

MY भारत देश के हर ज़िले, ब्लॉक और युवा नागरिक तक पहुँचेगा : डॉ. मनसुख मांडविया

राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने युवा अधिकारियों, एनएसएस और राज्य प्रशासनों के बीच ज़्यादा तालमेल का आग्रह किया

आईआईएम शिलांग में चिंतन शिविर ने ज़मीनी स्तर पर युवाओं की भागीदारी, संस्थागत समन्वय और कार्यक्रम के असर को मज़बूत करने की रूपरेखा तैयार की

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग ने आज इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट (आईआईएम), शिलांग में दो-दिवसीय चिंतन शिविर आरंभ किया। आज शिविर का पहला दिन था। इस शिविर में विभाग, MY Bharat और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अधिकारियों को एक मंच पर लाया ताकि युवाओं की भागीदारी को मज़बूत करने, कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से लागू करने और युवाओं के नेतृत्व वाले विकास के ज़रिए 'विकसित भारत' के विज़न को आगे बढ़ाने पर चर्चा की जा सके।

उद्घाटन सत्र में केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे, मेघालय सरकार के खेल और युवा कार्यक्रम मंत्री श्री शक्लिअर वारजरी, युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, युवा कार्यक्रम विभाग के अपर सचिव श्री नितेश कुमार मिश्रा, MY Bharat की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला, और उनके साथ विभाग, MY Bharat, एनएसएस के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय निदेशक, ज़िला युवा अधिकारी और देश भर से आए युवा अधिकारी शामिल हुए।




सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, "आज, 2.17 करोड़ युवा स्वयंसेवकों के साथ, 'MY Bharat' जन भागीदारी के राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में उभरा है। हमारा लक्ष्य 'MY Bharat' को हर जिले, हर ब्लॉक और हर युवा नागरिक तक पहुँचाना है, ताकि सही मायने में 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' (अंतिम छोर तक पहुँच) सुनिश्चित की जा सके।"


मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों को ज़मीनी स्तर पर सामुदायिक नेताओं और युवा संगठकों के रूप में उभरना चाहिए। उन्होंने युवा विकास तंत्र को मज़बूत करने में ज़िला युवा अधिकारियों और एनएसएस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सफलता को ठोस प्रभाव और परिणामों के आधार पर मापा जाना चाहिए।


डॉ. मांडविया ने 26 जून से 15 अगस्त तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी नशा-विरोधी अभियान में युवाओं की बड़े पैमाने पर भागीदारी का भी आह्वान किया; उन्होंने 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 150 शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रमों की घोषणा की; और सभी 783 जिलों में 'MY Bharat' केंद्र स्थापित करने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दोहराया। सहयोगात्मक शिक्षा के महत्व को उजागर करते हुए, उन्होंने राज्यों से 'सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों' को आपस में साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने पूर्वोत्तर के युवाओं को राष्ट्रीय विकास की योजनाओं में और अधिक एकीकृत करने का आह्वान किया।


युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खाडसे ने कहा, "इस 'चिंतन शिविर' का उद्देश्य अधिकारियों को एक मंच पर लाना है, ताकि वे अपने विचारों, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और ज़मीनी स्तर के अनुभवों को आपस में साझा कर सकें; और इस प्रकार, हम अपने युवाओं की शक्ति के माध्यम से 'विकसित भारत 2047' के स्वप्न को साकार करने की दिशा में सामूहिक रूप से कार्य कर सकें।"


पूर्वोत्तर क्षेत्र का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने वहाँ की जीवंत खेल संस्कृति और सक्रिय युवा क्लब नेटवर्क की जानकारी दी, और वहाँ के युवाओं की प्रतिभा व ऊर्जा को प्रभावी ढंग से सही दिशा देने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। मंत्री ने राज्य सरकारों और ज़िला प्रशासनों के साथ समन्वय को मज़बूत करने के महत्व पर भी बल दिया; उन्होंने कहा कि संचार-संबंधी अंतर को दूर करना, कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन और 'MY Bharat' पोर्टल की व्यापक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।


युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने कहा, "इस 'चिंतन शिविर' का मुख्य उद्देश्य चुनौतियों की पहचान करना, अनुभवों को साझा करना और ऐसे व्यावहारिक विचारों को उत्पन्न करना है, जिन्हें ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्यान्वित किया जा सके।"


उन्होंने बताया कि पहले दो 'चिंतन शिविर' से हमने कई मूल्यवान सबक सीखे और अनेक परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को इस बात के लिए भी प्रोत्साहित किया कि वे ऐसी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और अभिनव दृष्टिकोणों को आपस में साझा करें, जिन्हें अन्य राज्यों और कार्यक्रमों में भी दोहराया जा सके।


युवा कार्यक्रम विभाग के अपर सचिव, श्री नितेश कुमार मिश्रा ने कहा, "चिंतन शिविर सामूहिक विचार-विमर्श का मंच है, जहाँ अधिकारी हितधारक के रूप में अपने विचार साझा कर सकते हैं और युवा विकास योजनाओं की भविष्य की दिशा तय करने में मदद कर सकते हैं।"


उन्होंने कहा कि पिछले संस्करणों से मिली सिफारिशों के आधार पर पहले ही ठोस कदम उठाए जा चुके हैं। उन्होंने 'राष्ट्रीय स्वयंसेवा नीति' की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, ताकि राष्ट्र-निर्माण गतिविधियों में लगे 'MY Bharat' और ‘एनएसएस' के स्वयंसेवकों के योगदान को व्यवस्थित रूप से पहचाना और मापा जा सके।


इससे पहले, 'MY Bharat' की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और वार्षिक कार्य योजना के तहत रणनीतिक प्राथमिकताओं तथा कार्यान्वयन रूपरेखा को प्रस्तुत किया। पहले दिन के सत्रों में परिवर्तनकारी नेतृत्व विकास, वार्षिक कार्य योजना, युवा क्लबों की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियाँ, 'MY Bharat' पोर्टल के माध्यम से डिजिटल युवा जुड़ाव, अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम, स्वयंसेवा के अवसर और 'MY Bharat' तथा ‘एनएसएस’ के तहत संस्थागत तंत्र को मज़बूत करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।


असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मणिपुर के प्रतिनिधियों ने युवा लामबंदी, पोर्टल पंजीकरण, स्वयंसेवा योजनाओं और सामुदायिक जुड़ाव से संबंधित सफल मॉडलों तथा ज़मीनी अनुभवों को साझा किया, जिससे प्रतिभागियों के बीच आपसी सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिला।

पहले दिन के विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र-बिंदु ज़मीनी स्तर पर युवाओं के जुड़ाव को मज़बूत करना, संस्थागत तालमेल को बढ़ावा देना, कार्यक्रमों के प्रभाव को बढ़ाना और पूरे देश में युवा-केंद्रित योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करना था।

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Journalist Anil Prabhakar

Editor UPVIRAL24 NEWS