मॉर्निंग स्टार पब्लिक स्कूल में साइबर जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए तरीके

मॉर्निंग स्टार पब्लिक स्कूल में साइबर जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए तरीके

वरिष्ठ पत्रकार – अनिल कुमार प्रभाकर

उरई, जालौन : भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के तहत अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 21 अक्टूबर 2026 को जनपदीय साइबर सेल, जालौन की टीम द्वारा मॉर्निंग स्टार पब्लिक स्कूल, उरई में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, उनसे बचाव के उपायों और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।


कार्यक्रम में साइबर सेल पुलिस कार्यालय की टीम से उपनिरीक्षक श्री अजीत शर्मा, उपनिरीक्षक श्री जगवीर सिंह तथा कांस्टेबल अजय पाल ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इस दौरान गैर-वित्तीय साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग, सुरक्षित वेब ब्राउजिंग, वेब सेफ्टी टूल्स, डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर बुलिंग, साइबर ग्रूमिंग तथा महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।


साइबर सेल की टीम ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बताया कि ऑनलाइन लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन (UPI PIN) या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान नंबरों से प्राप्त संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए तथा सोशल मीडिया पर अजनबियों के साथ निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।


कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट स्कैम के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि साइबर अपराधी कई बार पुलिस या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को डराने और पैसे ऐंठने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सतर्क रहना चाहिए और किसी के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए। इसके साथ ही साइबर बुलिंग एवं साइबर ग्रूमिंग जैसी गतिविधियों से बचाव के उपाय भी बताए गए।


इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर जागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए गए। साइबर अपराध का शिकार होने या ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने तथा आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।


कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने, साइबर अपराधों की पहचान करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में समय रहते उचित कदम उठाने के प्रति जागरूक करना रहा।

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Journalist Anil Prabhakar

Editor UPVIRAL24 NEWS