निराश्रित गोवंश संरक्षण केंद्रों का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश
वरिष्ठ पत्रकार – अनिल कुमार प्रभाकर
उरई, जालौन : जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा जनपद में संचालित निराश्रित गोवंश संरक्षण केंद्रों की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए ग्राम चमारी स्थित गौशाला एवं ग्राम सरसोखी में संचालित कान्हा गौशाला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोवंश के लिए उपलब्ध कराए जा रहे भूसा, हरा चारा, चोकर/खरी, पेयजल, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, साफ-सफाई एवं शेड की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से गोवंश के रख-रखाव, भोजन की नियमित आपूर्ति एवं चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि गोवंश को समय पर पर्याप्त मात्रा में चारा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए, साथ ही उनके स्वास्थ्य परीक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में छायादार व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए गोवंश के संरक्षण के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं, जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। इसके लिए शेड की संख्या बढ़ाने, पानी की पर्याप्त व्यवस्था एवं साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट रूप से कहा कि गोवंश संरक्षण सरकार की प्राथमिकता में शामिल है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि गौशालाओं में गोवंश को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण मिल सके।