प्रधानमंत्री मोदी ने बीकानेर में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया

प्रधानमंत्री ने राजस्थान के बीकानेर में 24,300 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया

अमृतसर-जामनगर आर्थिक गलियारे का छह लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे खंड राष्ट्र को समर्पित किया

हरित ऊर्जा गलियारे के लिए अंतर-राज्य ट्रांसमिशन लाइन के चरण-I का लोकार्पण किया

बीकानेर-भिवाड़ी ट्रांसमिशन लाइन को समर्पित किया

बीकानेर में 30 बिस्तरों वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित किया

बीकानेर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का शिलान्यास किया

43 किमी लंबी चूरू-रतनगढ़ खंड रेल-लाइन के दोहरीकरण की आधारशिला रखी

"राष्ट्रीय राजमार्गों के मामले में राजस्थान ने दोहरा शतक बनाया है"

"राजस्थान अपार सामर्थ्य और संभावनाओं का केंद्र है"

"ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पूरे पश्चिमी भारत में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती प्रदान करेगा"

"हमने सीमांत गांवों को देश का 'पहला गांव' घोषित किया है"


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज राजस्थान के बीकानेर में 24,300 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, उनमें शामिल हैं - अमृतसर-जामनगर आर्थिक गलियारे का छह-लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे खंड, जिसे लगभग 11,125 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है; लगभग 10,950 करोड़ रुपये की लागत से हरित ऊर्जा गलियारे के अंतर-राज्य ट्रांसमिशन लाइन का चरण-I; लगभग 1,340 करोड़ रुपये की लागत से बीकानेर पावर ग्रिड द्वारा विकसित भिवाड़ी ट्रांसमिशन लाइन और बीकानेर में 30 बिस्तरों वाला कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल। प्रधानमंत्री ने लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से बीकानेर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और 43 किलोमीटर लंबी चूरू-रतनगढ़ खंड रेल-लाइन के दोहरीकरण की आधारशिला भी रखी।


सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने योद्धाओं की भूमि को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि राज्य के विकास के लिए समर्पित लोग हमेशा एक ऐसा अवसर प्रदान करते हैं, जहां विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के लिए वे स्वयं को उपलब्ध करा पाते हैं। प्रधानमंत्री ने आज की 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ ही महीनों के भीतर राजस्थान को दो आधुनिक छह-लेन वाले एक्सप्रेसवे मिल गए हैं। फरवरी में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस कॉरिडोर के दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड के उद्घाटन को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने आज अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे के 500 किलोमीटर लंबे छह-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे खंड का उद्घाटन करने का अवसर मिलने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय राजमार्गों की बात करें, तो एक तरह से राजस्थान ने दोहरा शतक लगाया है।" प्रधानमंत्री ने बीकानेर और राजस्थान के लोगों को हरित ऊर्जा गलियारे और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल के लिए भी बधाई दी।


प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान सदैव क्षमताओं और संभावनाओं से परिपूर्ण रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास के इसी सामर्थ्य के कारण राज्य में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। परिवहन-संपर्क को हाईटेक बनाया जा रहा है, क्योंकि यहां औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, तेज गति वाले एक्सप्रेसवे और रेलवे, पर्यटन के अवसरों को बढ़ावा देंगे, जिससे राज्य के युवाओं को लाभ होगा।


प्रधानमंत्री ने आज उद्घाटन किए गए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि यह राजस्थान को हरियाणा, पंजाब, गुजरात और जम्मू-कश्मीर से जोड़ेगा, जबकि जामनगर और कांडला जैसे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक पत्तन भी बीकानेर और राजस्थान की पहुंच में आ जाएंगे। उन्होंने रेखांकित किया कि बीकानेर से अमृतसर तथा जोधपुर के बीच की दूरियां कम हो जाएंगी, साथ ही जोधपुर और गुजरात के बीच की दूरी भी कम हो जाएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों और व्यवसायों को काफी फायदा होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पूरे पश्चिमी भारत में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती प्रदान करेगा।" उन्होंने तेल क्षेत्र रिफाइनरियों के साथ बढ़ते परिवहन-संपर्क पर प्रकाश डाला, जिससे आपूर्ति मजबूत होगी तथा देश में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।


रेलवे लाइन के दोहरीकरण के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने राजस्थान में रेलवे के विकास को दी गई प्राथमिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 2004-2014 के बीच राजस्थान को रेलवे के लिए औसतन प्रति वर्ष 1000 करोड़ रुपये से भी कम मिले, जबकि 2014 के बाद राज्य को हर साल औसतन 10,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।


प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अवसंरचना विकास के सबसे बड़े लाभार्थी छोटे व्यवसायी और लघु उद्योग हैं। उन्होंने बीकानेर के अचार, पापड़, नमकीन का जिक्र किया और कहा कि बेहतर परिवहन-संपर्क से ये छोटे कारोबारी अपने उत्पाद दुनिया के हर कोने तक पहुंचाने में सक्षम होंगे।


राजस्थान के विकास के प्रयासों के बारे में प्रधानमंत्री ने लंबे समय से उपेक्षित सीमावर्ती गांवों के लिए वाइब्रेंट ग्राम योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “हमने सीमांत गांवों को देश का ‘पहला गांव’ घोषित किया है। इससे इन क्षेत्रों में विकास होगा और देश के लोगों में इन क्षेत्रों की यात्रा करने को लेकर दिलचस्पी बढ़ेगी।“


प्रधानमंत्री ने राजस्थान पर करणी माता और सालासर बालाजी की कृपा की चर्चा की और कहा कि राज्य को विकास के शिखर पर होना चाहिए। इसलिए, भारत सरकार पूरी ताकत से राजस्थान के विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने निष्कर्ष के तौर पर कहा कि सभी के संयुक्त प्रयास से राजस्थान के सभी विकास लक्ष्य साकार होंगे।


इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल श्री कलराज मिश्र, केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी, केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी तथा अन्य उपस्थित थे।


पृष्ठभूमि


प्रधानमंत्री ने अमृतसर-जामनगर आर्थिक गलियारे का छह लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे खंड राष्ट्र को समर्पित किया। 500 किमी से अधिक लंबा यह खंड, राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के जाखड़ावाली गांव से जालौर जिले के खेतलावास गांव तक फैला हुआ है, जिसे लगभग 11,125 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है। यह एक्सप्रेसवे यात्रा-अवधि को काफी कम कर देगा और प्रमुख शहरों तथा औद्योगिक गलियारों के बीच परिवहन-संपर्क में सुधार करेगा। एक्सप्रेसवे न केवल माल के निर्बाध परिवहन की सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि अपने मार्ग पर पर्यटन और आर्थिक विकास में भी वृद्धि करेगा।


क्षेत्र में बिजली क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री ने हरित ऊर्जा गलियारे के लिए अंतर-राज्य ट्रांसमिशन लाइन के चरण- I का लोकार्पण किया, जिसे लगभग 10,950 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है। हरित ऊर्जा गलियारा लगभग 6 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा को एकीकृत करेगा और पश्चिमी क्षेत्र में ताप-विद्युत उत्पादन और उत्तरी क्षेत्र में जल-विद्युत उत्पादन के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के ग्रिड संतुलन में मदद करेगा, जिससे उत्तरी क्षेत्र और पश्चिमी क्षेत्र के बीच ट्रांसमिशन क्षमता मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने लगभग 1,340 करोड़ रुपये की लागत से पावर ग्रिड द्वारा विकसित बीकानेर-भिवाड़ी ट्रांसमिशन लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित किया। बीकानेर से भिवाड़ी ट्रांसमिशन लाइन राजस्थान में 8.1 गीगावॉट सौर ऊर्जा की निकासी में मदद करेगी।


प्रधानमंत्री ने बीकानेर में 30 बिस्तरों वाला नया कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया। अस्पताल की क्षमता 100 बिस्तरों तक विस्तार के योग्य होगी। यह एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा के रूप में काम करेगा, स्थानीय समुदाय की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करेगा और सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगा।


इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने बीकानेर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत वाले इस पुनर्विकास कार्य में, रेलवे स्टेशन की मौजूदा संरचना की विरासत स्थिति के संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए फर्श और छत के साथ-साथ सभी प्लेटफार्मों का नवीनीकरण शामिल होगा।


प्रधानमंत्री ने 43 किमी लंबे चूरू-रतनगढ़ रेल-खंड के दोहरीकरण की भी आधारशिला रखी। इस रेल लाइन के दोहरीकरण से रेल परिवहन-संपर्क बढ़ेगा और बीकानेर क्षेत्र से देश के बाकी हिस्सों तक जिप्सम, चूना पत्थर, खाद्यान्न और उर्वरक उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी।

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Journalist Anil Prabhakar

Editor UPVIRAL24 NEWS