जालौन : पुलिस अधीक्षक सुरेश चन्द्र रावत सख्त, 2025 और उससे पूर्व की लंबित विवेचनाएं 15 दिन में निपटाने के निर्देश
वरिष्ठ पत्रकार – अनिल कुमार प्रभाकर
उरई, जालौन : जनपद में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और पीड़ितों को समय से न्याय दिलाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक जालौन श्री सुरेश चन्द्र रावत ने पुलिस लाइन उरई स्थित सभागार में विवेचकों का अर्दली रूम आयोजित किया। इस दौरान लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए विवेचनात्मक कार्यवाही की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से पुराने लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विवेचकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों की विवेचना पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का समयबद्ध संकलन किया जाए तथा गवाहों के बयान नियमानुसार दर्ज कर न्यायालय में मजबूत आरोपपत्र (चार्जशीट) प्रस्तुत किया जाए, जिससे दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
2025 और उससे पूर्व के मामलों पर विशेष जोर
पुलिस अधीक्षक ने वर्ष 2025 तथा उससे पूर्व की सभी लंबित विवेचनाओं को आगामी 15 दिनों के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने की कड़ी हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक मामले में तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही साइबर अपराधों से संबंधित विवेचनाओं को तत्परता से पूरा करने तथा विशेष अभियान चलाकर सभी वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों और विवेचकों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक श्री सुरेश चन्द्र रावत ने चेतावनी दी कि विवेचनाओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने या निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में संबंधित पुलिस अधिकारी एवं विवेचकगण उपस्थित रहे।
इस अर्दली रूम का मुख्य उद्देश्य लंबित विवेचनाओं में तेजी लाना, अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने की दिशा में पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना रहा।