जनसांख्यिकीय मजबूती ब्रिक्स देशों को भविष्य के कार्य को आकार देने का अवसर प्रदान करती है : डॉ. मनसुख मांडविया

जनसांख्यिकीय मजबूती ब्रिक्स देशों को भविष्य के कार्य को आकार देने का अवसर प्रदान करती है : डॉ. मनसुख मांडविया

जब ब्रिक्स देश एक साथ मिलकर काम करते हैं और एक दूसरे से सीखते हैं, तो स्थानीय नवोन्मेषण वैश्विक प्रभाव पैदा कर सकते हैं: राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में ब्रिक्स युवा परिषद उद्यमिता कार्य समूह की बैठक जारी

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्रिक्स युवा परिषद उद्यमिता कार्य समूह की बैठक जारी है। इस बैठक में ब्रिक्स देशों के युवा उद्यमी, प्रतिनिधि, नीति निर्माता और हितधारक उद्यमिता में सहयोग को मजबूत करने और नवाचार-आधारित सतत विकास को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आए हैं।

भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग द्वारा आयोजित यह बैठक “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” थीम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है।


केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया और प्रतिभागियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने ब्रिक्स देशों की जनसांख्यिकीय शक्ति पर बल दिया, जो उन्हें भविष्य के रोजगार को आकार देने का अवसर प्रदान करती है।


उन्होंने कहा, “हमारे देश मिलकर विश्व की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। कई ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। अकेले भारत में ही लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह जनसांख्यिकीय शक्ति ब्रिक्स देशों को भविष्य के कार्य को आकार देने का अवसर प्रदान करती है। ब्रिक्स देशों में युवा पहले से ही परिवर्तनकारी बदलाव ला रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ने कौशल विकास, डिजिटल समावेशन और उद्यम-आधारित विकास पर केंद्रित प्रयासों के माध्यम से सम्मानजनक रोजगार के अवसरों का विस्तार करने और दुनिया के सबसे जीवंत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में से एक का निर्माण करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।


“स्थानीय नवाचार से वैश्विक प्रभाव तक: युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए ब्रिक्स सहयोग” विषय पर आयोजित एक विशेष सत्र में ब्रिक्स देशों के प्रतिभागियों ने उद्यमिता के क्षेत्र में अपने अनुभव, पहल और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया। इस सत्र ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए विचारों के आदान-प्रदान और चर्चाओं का मंच प्रदान किया।


सत्र को संबोधित करते हुए युवा मामले और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने कहा, "जब ब्रिक्स देश एक साथ काम करते हैं और एक दूसरे से सीखते हैं, तो स्थानीय नवाचार वैश्विक प्रभाव पैदा कर सकते हैं।"

उन्होंने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर भी प्रकाश डाला और कहा कि छोटे शहरों और टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा तेजी से सफल उद्यमों का निर्माण कर रहे हैं, जो समावेशी और युवा नेतृत्व वाले नवाचार के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए युवा मामलों के विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने नवाचार और समावेशी विकास को गति देने में युवा उद्यमिता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “युवा नेतृत्व वाली उद्यमिता को नवाचार, रोजगार और समावेशी विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में तेजी से मान्यता मिल रही है। जैसे-जैसे हमारी अर्थव्यवस्थाएं विकसित हो रही हैं, युवा उद्यमी ऐसे समाधानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं जो स्थानीय स्तर पर प्रासंगिक होने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी अनुकूलनीय हैं।”

उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि ब्रिक्स उद्यमिता कार्य समूह सदस्य देशों को विकासात्मक अनुभवों का आदान-प्रदान करने और विभिन्न आर्थिक संदर्भों में लचीले और भविष्य के लिए तैयार उद्यमशीलता इकोसिस्‍टम को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक और विस्तार योग्य दृष्टिकोणों की पहचान करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। उद्घाटन सत्र में मध्य प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, भारत सरकार के युवा मामलों के विभाग के अपर सचिव श्री नितेश कुमार मिश्रा, ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, युवा उद्यमी और उद्यमिता एवं नवाचार इकोसिस्टम के हितधारक उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रौद्योगिकी, स्थिरता और सामाजिक उद्यम सहित विभिन्न सेक्टरों  में नवाचारों और उद्यमशीलता संबंधी पहलों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुआ। कार्यक्रम में ब्रिक्स देशों में युवा नेतृत्व वाले उद्यमशीलता इकोसिस्टम को मजबूत करने पर केंद्रित पूर्ण सत्र और संवादात्मक गतिविधियाँ भी शामिल थीं।

इस बैठक में डिजिटल नवाचार और प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता, सामाजिक, समावेशी उद्यमिता और हरित उद्यमिता एवं जलवायु-अनुकूल व्यावसायिक मॉडलों पर केंद्रित विषयगत पैनल चर्चाएं भी हुईं। इन चर्चाओं में एआई, फिनटेक, एग्रीटेक, स्थिरता और स्वच्छ ऊर्जा जैसे सेक्टरों में युवा उद्यमियों के लिए उभरते अवसरों का पता लगाया गया, साथ ही समावेशी विकास और समुदाय-संचालित उद्यम के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

पैनल चर्चाओं के अलावा, कार्यक्रम में इंटरैक्टिव नेटवर्किंग सत्र और युवा उद्यमियों के साथ अनौपचारिक बातचीत शामिल थी, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों के बीच संवाद, सहयोग और अंतर-देशीय ज्ञानवर्धन को प्रोत्साहित करना था।

इस बैठक ने प्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने और ब्रिक्स देशों में उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में गहन सहयोग के रास्ते तलाशने का अवसर प्रदान किया है।

यह कार्यक्रम कार्यशालाओं, चर्चाओं और संवादात्मक सत्रों के साथ जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों के युवा उद्यमियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना और सहयोग को मजबूत करना है।

ब्रिक्स युवा परिषद उद्यमिता कार्य समूह की बैठक ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान युवा नेतृत्व वाले नवाचार, उद्यमिता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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Journalist Anil Prabhakar

Editor UPVIRAL24 NEWS