केंद्रीय मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आयुष ग्रिड पहल के तहत आयुष अनुदान पोर्टल लॉन्च किया
आयुष अनुदान पोर्टल अनुदान प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा: श्री प्रतापराव जाधव
यह पोर्टल डिजिटल रूप से सशक्त और पारदर्शी आयुष इकोसिस्टम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आयुष क्षेत्र में डिजिटल शासन को सुदृढ़ करने और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में आयुष अनुदान पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल आयुष ग्रिड पहल के तहत आयुष मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है, जो मंत्रालय की विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं के अंतर्गत वित्तपोषण प्रस्तावों के प्रस्तुतीकरण, प्रसंस्करण, अनुमोदन और निगरानी को सुव्यवस्थित करने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
श्री प्रतापराव जाधव ने पोर्टल लॉन्च करते हुए कहा कि आयुष ग्रिड भारत सरकार की एक दूरदर्शी डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से आयुष क्षेत्र के लिए एकीकृत, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित डिजिटल इकोसिस्टम स्थापित करना है। इस पहल के पीछे की सोच को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'व्यापार करने में सुगमता' और 'जीवन जीने में सरलता' के विज़न से प्रेरित होकर, आयुष अनुदान पोर्टल को एक व्यापक डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है।”
श्री जाधव ने कहा कि यह पोर्टल आयुष क्षेत्र की अनुदान प्रबंधन प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। इस प्लेटफॉर्म के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा, “इस पोर्टल का प्राथमिक उद्देश्य अनुदान प्रबंधन प्रक्रिया में शत-प्रतिशत पारदर्शिता, दक्षता, जवाबदेही और सुगम पहुंच सुनिश्चित करना है।” उन्होंने यह भी बताया कि यह पोर्टल संगठनों और संस्थानों को पूरी तरह से ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत करने में सक्षम बनाकर सरकार के कागज रहित शासन के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।
श्री जाधव ने कहा कि एनजीओ दर्पण पोर्टल के साथ एकीकरण से आवेदक संगठनों का प्रमाणीकरण और सत्यापन तेज, स्वचालित, विश्वसनीय और त्रुटिरहित हो जाएगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाएं, औषधीय पौधों की व्यवस्था, औषधि विनियमन, क्षमता निर्माण और वैश्विक पहुंच जैसे क्षेत्रों में एबीडीएम-अनुरूप आयुष ग्रिड पहल के तहत कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पहले ही विकसित किए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शी और नागरिक-हितैषी सेवा वितरण सुनिश्चित हो रहा है।
इस कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा; संयुक्त सचिव डॉ. कविता जैन, श्रीमती अलार्मेलमंगई डी. और सुश्री मोनालिसा डैश; साथ ही आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
आयुष अनुदान पोर्टल संगठनों और संस्थानों को सुव्यवस्थित और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस के माध्यम से ऑनलाइन अनुदान प्रस्ताव प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है, जिससे मैन्युअल और कागज़-आधारित प्रणालियों पर निर्भरता समाप्त हो जाती है। एनजीओ दर्पण पोर्टल के साथ एकीकृत यह प्लेटफ़ॉर्म आवेदक संगठनों के प्रमाणीकरण और सत्यापन को सुगम बनाता है। इससे संस्थागत विश्वसनीयता बढ़ती है और सत्यापन प्रक्रियाएं सरल हो जाती हैं।
पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं में से एक इसकी योजना-वार आवेदन प्रबंधन प्रणाली है, जो मंत्रालय की विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार प्रस्तावों को वर्गीकृत करने, संसाधित करने और निगरानी करने में सक्षम बनाती है। इस प्लेटफॉर्म में एक रीयल-टाइम आवेदन ट्रैकिंग तंत्र भी शामिल है, जो आवेदकों और अधिकारियों को प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में प्रस्ताव की स्थिति की निगरानी करने की सुविधा देता है।
आयुष अनुदान पोर्टल के लॉन्च का उद्देश्य अनुदान प्रबंधन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, परिचालन दक्षता, जवाबदेही और सुगम पहुंच सुनिश्चित करना है। यह कदम डिजिटल परिवर्तन, पारदर्शी शासन और डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के अनुरूप एक मजबूत, नवाचार-संचालित और डिजिटल रूप से सशक्त आयुष इकोसिस्टम के निर्माण के प्रति मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस पोर्टल को आयुष मंत्रालय के एमएआईएसपी (माई आयुष इंटीग्रेटेड सर्विसेज पोर्टल), जो मंत्रालय की सिंगल-विंडो डिजिटल पहल है, के माध्यम से या सीधे आयुष अनुदान पोर्टल लिंक के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है।
