दिव्यांगजनों का वित्तीय समावेशन
वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों को भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) के उपयोग के माध्यम से श्रवण और वाक् बाधित व्यक्तियों के साथ संवाद को सुगम बनाने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी) के लिए एक समावेशी और सुलभ वातावरण बनाना तथा इन संस्थानों द्वारा प्रदत्त वित्तीय सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है।
इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए, संगठनों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित प्रौद्योगिकी-आधारित संचार उपकरणों का उपयोग करने और आवश्यकता पड़ने पर दिव्यांगजनों की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने वाले नागरिक समाज संगठनों के स्वयंसेवकों की सेवाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया गया है, जिनमें सांकेतिक भाषा अनुवाद सेवाएं भी शामिल हैं। डीएफएस ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद करने के इच्छुक ग्राहकों की सहायता के लिए अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के संवेदीकरण और प्रशिक्षण पर भी बल दिया है।
