आधार को चेहरा मिला: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार शुभंकर ‘उदय’ जारी किया
यह शुभंकर आधार सेवाओं को सरलता से समझाने के लिए लोगों से संवाद करेगा
उदय का चयन मायगॉव प्लेटफॉर्म पर आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता द्वारा किया गया, 875 प्रविष्टियों में केरल के अरुण गोकुल प्रथम विजेता रहे
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आज आधार का शुभंकर (प्रतीक चिन्ह) जारी किया, जो लोगों को आधार सेवाओं की सरल जानकारी देने के लिए सुलभ संचार माध्यम है। उदय नामक यह शुभंकर आधार से संबंधित जानकारी अधिक सहज और सुलभ बनाने में सहायक होगा। यह अपडेट, प्रमाणीकरण, ऑफ़लाइन सत्यापन, जानकारी साझा करने, नई तकनीक अपनाने, दायित्वपूर्ण उपयोग आदि आधार सेवाओं के संचार को सरल बनाएगा।
इस उद्देश्य के लिए, यूआईडीएआई ने माईगॉव प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय डिज़ाइन और नामकरण प्रतियोगिता का खुला और समावेशी मार्ग चुना, जिसमें लोगों ने काफी रुचि दिखाई। छात्र, पेशेवर, डिज़ाइनर आदि से शुभंकर निर्माण और नामकरण के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को देश भर से 875 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। प्रत्येक प्रतिभागी ने आधार के महत्व की अपनी अनूठी व्याख्या की। चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और सटीकता के लिए बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई। संस्थागत लगन और परिश्रम से जनमानस की कल्पना को आकार देने वाला सुंदर परिणाम निकलकर सामने आया।
शुभंकर डिजाइन प्रतियोगिता में केरल के त्रिशूर के अरुण गोकुल प्रथम विजेता रहे, जबकि महाराष्ट्र के पुणे के इदरीस दवाईवाला को द्वितीय पुरस्कार और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी कृष्णा शर्मा को तीसरा पुरस्कार मिला।
भोपाल की रिया जैन ने शुभंकर नामकरण प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीता, जबकि पुणे के इदरीस दवाईवाला दूसरे और हैदराबाद के महाराज सरन चेल्लापिल्ला तीसरे स्थान पर रहे।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा ने तिरुवनंतपुरम में आयोजित यूआईडीएआई के समारोह में यह शुभंकर जारी किया और विजेताओं को सम्मानित किया। श्री मिश्रा ने कहा कि शुभंकर भारत के एक अरब से अधिक लोगों के लिए आधार संबंधी संचार सरल, अधिक समावेशी और सुलभ बनाने के यूआईडीएआई के निरंतर प्रयासों का कदम है।
यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भुवनेश कुमार ने कहा कि खुली राष्ट्रीय प्रतियोगिता द्वारा लोगों को शुभंकर डिजाइन और नामकरण के लिए आमंत्रित कर यूआईडीएआई ने भागीदारी से विश्वास और स्वीकृति बढ़ने के आधार के मूल सिद्धांत की पुष्टि की है। इसके प्रति अत्यंत उत्साह ने दिखाया कि आधार को सार्वजनिक हित के उपाय के तौर पर लोग काफी मान्यता देते हैं।
यूआईडीएआई के उप महानिदेशक विवेक सी वर्मा ने कहा कि इस शुभंकर के एक साथी और वाचक के रूप में शामिल होने से लोगों को आधार संबंधी जानकारी आसानी से प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
