देश भर में 8वां जनऔषधि दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया
केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने अगले वर्ष तक जनऔषधि नेटवर्क को 25,000 केंद्रों तक विस्तारित करने के सरकार के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला
उत्कृष्ट जनऔषधि केंद्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए
रसायन औरउर्वरक मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा और रसायन औरउर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जनऔषधि केंद्र के मालिकों को पुरस्कार प्रदान किए
आज देशभर में 8वां जनऔषधि दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, जो रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के अंतर्गत फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेज़ ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) द्वारा आयोजित सप्ताह भर चलने वाले जनऔषधि सप्ताह 2026 समारोहों के समापन का प्रतीक है।
इस अवसर को मनाने के लिए देश भर में 25 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (पीएमबीजेके) के मालिकों को प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेके) के तहत सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं को बढ़ावा देने में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान के लिए सम्मानित किया गया ।
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में और औषधि विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इनके अलावा वरिष्ठ अधिकारी, पीएमबीआई के प्रतिनिधि, जनऔषधि केंद्र संचालक और योजना के लाभार्थी भी उपस्थित थे।
तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और दिल्ली सहित देशभर के 13 जनऔषधि केंद्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इन केंद्रों को उत्कृष्ट बिक्री प्रदर्शन, कुशल सेवा वितरण और नागरिकों के बीच गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं के बारे में जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया गया। अपने निरंतर प्रयासों के माध्यम से, जनऔषधि केंद्र महत्वपूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में उभरे हैं, जो नागरिकों को काफी कम कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
सभा को संबोधित करते हुए श्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के परिवर्तनकारी प्रभाव पर प्रकाश डाला, जिसने देश भर के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा को अधिक किफायती और सुलभ बनाया है।
श्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री, रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में 8वें जनऔषधि दिवस समारोह को संबोधित किया।
श्री नड्डा ने कहा कि सरकार इस कार्यक्रम को और मजबूत बनाने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। पहला, गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करना और जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना ताकि अधिक से अधिक लोग आत्मविश्वास से इनका चुनाव कर सकें। दूसरा, नियमित आपूर्ति और वितरण में सुधार करना, और आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करना ताकि देश भर के सभी जनऔषधि केंद्रों पर दवाएं आसानी से उपलब्ध रहें। तीसरा, केंद्र संचालकों के लिए उचित लाभ सुनिश्चित करना, ताकि यह पहल इन केंद्रों को चलाने वाले उद्यमियों के लिए लाभदायक बनी रहे।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनऔषधि पहल एक आंदोलन का रूप ले चुकी है और सरकार इसे नए सिरे से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि जनऔषधि केंद्रों के माध्यम से यह योजना स्वरोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर रही है, जिससे 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को साकार करने में योगदान मिल रहा है।
सुलभ स्वास्थ्य सेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, श्री नड्डा ने कहा कि जनऔषधि पहल यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि वित्तीय बाधाओं के कारण कोई भी नागरिक आवश्यक दवाओं से वंचित न रहे।
महिला उद्यमी जनऔषधि पहल की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं:
इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने देश भर में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने में इस योजना की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनऔषधि परियोजना ने न केवल सस्ती दवाओं तक पहुंच को मजबूत किया है, बल्कि महिलाओं के लिए आजीविका के महत्वपूर्ण अवसर भी सृजित किए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 18,000 से अधिक जनऔषधि केंद्रों में से 8000 से अधिक केंद्र महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि इस योजना ने महिलाओं को सफल उद्यमी बनने के लिए कैसे सशक्त बनाया है।
सप्ताह भर चलने वाले जनऔषधि सप्ताह में भारी जनभागीदारी देखी गई:
जनऔषधि दिवस के उत्सव के साथ ही जनऔषधि सप्ताह 2026 का समापन हुआ, जो कि किफायती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए 1 मार्च से 7 मार्च 2026 तक आयोजित एक राष्ट्रव्यापी अभियान था।
पूरे सप्ताह देश भर में नागरिकों को जेनेरिक दवाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया। 1 से 5 मार्च तक 250 से अधिक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए, जहां नागरिकों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, निदान सेवाएं और जनऔषधि की दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
छठे दिन, देश भर में 30 से अधिक स्थानों पर पदयात्राओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों, स्वास्थ्य पेशेवरों, केंद्र संचालकों और समुदाय के सदस्यों सहित प्रतिभागियों ने सस्ती जेनेरिक दवाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्रों से होकर पदयात्राएं कीं।
इन गतिविधियों ने सामूहिक रूप से जनऔषधि दिवस के राष्ट्रव्यापी उत्सव से पहले बड़े पैमाने पर जनभागीदारी और जागरूकता पैदा करने में मदद की।
उद्यमिता और जनभागीदारी को प्रोत्साहन देना
दवाओं तक पहुंच में सुधार के साथ-साथ, जनऔषधि पहल उद्यमिता और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देती है। फार्मासिस्ट, डॉक्टर, उद्यमी और प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र खोलने के इच्छुक पात्र व्यक्ति आधिकारिक वेबसाइट www.Janaushadhi.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत उद्यमियों को केंद्र स्थापित करने में सहायता प्रदान करने के लिए वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन दिए जाते हैं, जिससे वे राष्ट्र के स्वास्थ्य सेवा मिशन में योगदान दे सकें।
सस्ती दवाओं तक डिजिटल पहुंच
नागरिक 'जनऔषधि सुगम' मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जनऔषधि केंद्रों और दवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह एप्लिकेशन उपयोगकर्ताओं को निकटतम केंद्र का पता लगाने और उपलब्ध दवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद करता है। यह मोबाइल एप्लिकेशन एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म बन गया है जो नागरिकों को सस्ती दवाओं और आस-पास के जनऔषधि केंद्रों से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।
