समाज के वंचितों के विकास में सामाजिक कार्यकर्ता करें सहयोग : राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री पटेल ने धरती आबा ग्राम का किया भ्रमण
भोपाल : राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि समाज के विकास की जिम्मेदारी समाज के व्यक्तियों की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं को अपेक्षाकृत पिछड़े जरूरतमंदो और वंचित वर्गों के उत्थान का नेतृत्व करना चाहिए। उन्हें समाज के विकास के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों कार्यक्रम और योजनाओं के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने चाहिए ।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल शनिवार को धरती आबा ग्राम उत्थान अभियान के अंतर्गत चयनित ग्राम भानपुर केकड़िया में उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्राम भ्रमण के दौरान आयोजित सिकल सेल एवं स्वास्थ्य जाँच शिविर का अवलोकन किया। ग्राम के आंगनवाड़ी केन्द्र में नन्हें मुन्ने बच्चों के साथ आत्मीय पल बितायें। स्कूल का भ्रमण कर शिक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। विलेज विस्टा होम स्टे में भोजन किया। शासन की विभिन्न योजनाओं एक बगिया मां के नाम, प्रधानमंत्री आवास योजना, आवास सीएस ई ब्लॉक, आयुष्मान कार्ड, उज्जवला योजना, सिकल सेल, वॉश एण्ड व्हील के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सरकार जनजाति समुदाय को सशक्त और समर्थ बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जनजातीय समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास स्वच्छता आदि के साथ ही सम्पर्क, कनेक्टिविटी सहित विकास की सभी जरूरतों को पूरा करने का कार्य कर रही है। जनजातीय परिवार को उज्ज्वला योजना में गैस, स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आयुष्मान कार्ड, शिक्षा के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं का अहवान किया कि वह आगे आकर समाज के उत्थान के लिए जरूरतमंदो की मदद करें। उन्होंने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना, भगवान बिरसा मुंडा के सपनो को साकार करने का प्रयास है। जनजातीय समुदाय के विकास में सहयोग और समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामों में केन्द्र खोले जा रहे हैं। इन केन्द्रों का संचालन राज्य स्तर पर प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के द्वारा किया जाएगा, जो ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में सहयोग करेंगे। शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेंगे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल बीमारी एक अनुवांशिक बीमारी है। जनजातीय समुदाय के विकास की बड़ी बाधा है। संवेदनशील प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस रोग को वर्ष 2047 तक खत्म करने के लिए राष्ट्रीय मिशन बनाया है। उन्होंने वर्ष 2023 में प्रदेश के शहडोल जिले से उसका शुभारंभ किया था। उन्होंने कहा कि रोग की जांच उपचार सभी जरूरी कार्य सरकार ने किए। रोग की अनुवांशिकता को खत्म करने के लिए राज्य में करोड़ से अधिक जेनेटिक कार्ड वितरित किए गए हैं। जिससे सिकल सेल रोगी अथवा वाहक आपस में विवाह नहीं करें। रोगी और वाहक आपस में विवाह करेंगे तो उनकी संतान सिकल सेल से प्रभावित होगी। रोगी अथवा वाहक के सामान्य से विवाह करने पर कोई दिक्कत नहीं है।
विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हर परिवार को पक्का घर, नि:शुल्क उपचार के लिए कार्ड और राज्य के शीर्ष का दूरस्थ अंचलों में पहुँचाना सरकार के अपनों के प्रति लगाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस भाव वाली सरकार में गरीब को अमीर बनते में देर नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी गरीब जरूरतमंदो की सुख-सुविधा के जो कार्य किए हैं। उन्हें पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाना सभी का दायित्व है। उनहोंने ग्राम की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को शीघ्र प्रारम्भ करने का भी आश्वासन दिया है।
राज्यपाल ने विलेज विस्टा होमस्टे का किया भ्रमण
राज्यपाल ने ग्राम केकड़िया निवासी भूरी बाई द्वारा संचालित ‘विलेज विस्टा होमस्टे’ का भ्रमण किया। होमस्टे में उन्होंने स्थानीय परंपराओं, ग्रामीण जीवनशैली एवं अतिथि सत्कार व्यवस्था का अवलोकन किया। उनको होमस्टे में स्थानीय एवं पारंपरिक आदिवासी व्यंजनों का भोजन कराया गया, जिसमें प्रमुख रूप से बाजरा सूप, पंचमेल दाल, कोदो पुलाव, कुटकी खीर, महुआ जलेबी, चना भाजी, कढ़ी, मक्का–बाजरा रोटी, चटनी, सलाद एवं उड़द दाल बड़ा शामिल थे। भ्रमण के दौरान ग्राम के सांस्कृतिक समूह द्वारा राज्यपाल श्री पटेल के स्वागत में आदिवासी नृत्य एवं गायन की आकर्षक प्रस्तुति दी गई,
