राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने वर्चुअल माध्यम से आयुष्मान भव अभियान का शुभारंभ किया

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने वर्चुअल माध्यम से ‘आयुष्मान भव’ अभियान का शुभारंभ किया    यह ऐतिहासिक शुभारंभ सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) हासिल करने और सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग है। यह विशेष रूप से वंचितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता एवं सामर्थ्य को और बेहतर बनाने का प्रयास है: महामहिम राष्ट्रपति    “स्वास्थ्य सेवाओं को देश के अंतिम छोर तक पहुंचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने हेतु ‘आयुष्मान भव’ अभियान द्वारा अपनाया गया बहु-मंत्रालयी दृष्टिकोण इस दिशा में किए गए प्रयास को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा”    “सबका साथ सबका विकास” के साथ ‘आयुष्मान भव’ स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल बनकर उभरेगा। यह पहल सभी को साथ लेकर चलने और किसी को पीछे न छोड़ने के सिद्धांत के अनुरूप क्रियान्वित की जा रही है: डॉ. मांडविया    “आयुष्मान भव पहल के साथ, भारत स्वास्थ्य सेवा को किफायती और सुलभ बनाने के मामले में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। आयुष्मान भव के तहत, स्वास्थ्य मेले और चिकित्सा शिविर एक महत्वपूर्ण घटक हैं जो सभी एचडब्ल्यूसी और सीएचसी में सप्ताह में एक बार आयोजित किए जायेंगे”    आयुष्मान भव अभियान सभी के लिए बेहतर स्वास्थ्य और सभी के लिए उपचार के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास है: डॉ. मांडविया    17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2023 तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘सेवा पखवाड़ा’    महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित राजभवन से वर्चुअल माध्यम से दूरदर्शी ‘आयुष्मान भव’ अभियान के साथ-साथ आयुष्मान भव पोर्टल का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति के साथ केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, केन्द्रीय मंत्रीगण, केन्द्रीय  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार एवं प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल, गुजरात के वित्त मंत्री श्री कनुभाई मोहनलाल देसाई, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी. के. पॉल और विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री शामिल हुए।                राष्ट्र को संबोधित करते हुए, महामहिम राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य सेवाओं को देश के अंतिम छोर तक पहुंचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने हेतु ‘आयुष्मान भव’ अभियान द्वारा अपनाए गए बहु-मंत्रालयी दृष्टिकोण की प्रशंसा की और कहा कि यह इस दिशा में किए गए प्रयास को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा, “इस अभियान और पोर्टल का यह ऐतिहासिक शुभारंभ सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) हासिल करने और सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग है क्योंकि यह विशेष रूप से वंचितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता एवं सामर्थ्य को और बेहतर बनाने का प्रयास है।”        “अंत्योदय”, जिसका अर्थ 'सभी के लिए अच्छा स्वास्थ्य और कोई भी पीछे न छूटे' है, के दर्शन को रेखांकित करते हुए, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इस प्रयास में स्थानीय शासन की भागीदारी एवं सहयोग की सराहना की और कहा कि जो ग्राम पंचायतें अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करेंगी उन्हें आयुष्मान ग्राम पंचायत घोषित किया जाएगा। तय समय में निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार की भूमिका एवं प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने सेवा पखवाड़ा (17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2023 के दौरान शुरू होने वाली) पहल की सराहना की, जो यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं हासिल हों।        महामहिम राष्ट्रपति ने आयुष्मान कार्ड तक पहुंच को और अधिक सुविधाजनक बनाने, एबीएचए आईडी बनाने और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं तथा गैर-संचारी रोगों, तपेदिक एवं सिकल सेल रोग जैसी बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने संबंधी ‘आयुष्मान भव’ के लक्ष्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भव के तीन घटकों- आयुष्मान - आपके द्वार 3.0, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों (एचडब्ल्यूसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य क्लीनिकों (सीएचसी) में आयुष्मान मेलों और हर गांव एवं पंचायत में आयुष्मान सभाओं - के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति में काफी तेजी आएगी और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी जिससे एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने हर गांव और जिले को डिजिटल रूप से शामिल करने के लिए देश को मिली प्रशंसा पर भी प्रकाश डाला, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने में काफी मदद मिली है।        इस अवसर पर बोलते हुए, डॉ. मांडविया ने स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित प्रयासों में महामहिम राष्ट्रपति के समर्थन की सराहना की। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, उन्होंने कहा, ''’सबका साथ सबका विकास’ के साथ ‘आयुष्मान भव’ स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल बनकर उभरेगा। यह पहल “सभी को साथ लेकर चलने और किसी को पीछे न छोड़ने” के सिद्धांत के अनुरूप क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, “आयुष्मान भव पहल के साथ, भारत स्वास्थ्य सेवा को किफायती और सुलभ बनाने के मामले में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। आयुष्मान भव के तहत, स्वास्थ्य मेले और चिकित्सा शिविर एक महत्वपूर्ण घटक हैं जो सभी एचडब्ल्यूसी और सीएचसी में सप्ताह में एक बार आयोजित किए जायेंगे। उन्होंने आगे कहा, “आयुष्मान भव पहल के शुभारंभ के अलावा, अंग दान और रक्तदान संकल्प अभियान भी आयोजित किए जायेंगे जो नेक पहल हैं जिन्हें हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए।”    प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत और स्वस्थ विश्व के दृष्टिकोण को याद करते और दोहराते हुए डॉ. मांडविया ने कहा, “प्रधानमंत्री ने मानवता की सेवा को सर्वोच्च महत्व दिया है और देश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से बेहतर इसका कोई और उदहारण हो नहीं सकता है। पहले लोगों को सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, ये सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं अब सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध करायी जायेंगी, जिसमें गैर-संचारी रोगों की जांच, टेली-परामर्श, मुफ्त दवाएं और निदान आदि से जनता को लाभ होगा।”    केन्द्रीय मंत्री ने कहा, “आज, लगभग एक लाख नि-क्षय मित्र उन 10 लाख टीबी रोगियों की देखभाल कर रहे हैं जिन्होंने इस पहल के लिए अपनी सहमति दी थी। यह हमें 2025 तक टीबी को समाप्त करने के माननीय प्रधानमंत्री के लक्ष्य को हासिल करने के करीब ले गया है।”    उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के महत्वपूर्ण प्रभाव की प्रशंसा करते हुए कहा, “पिछले 9 वर्षों में, देश के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है, जिसे जी20 शिखर सम्मेलन में आने वाले गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भी सराहा गया। आज, देश में 1.6 लाख से अधिक सक्रिय एबी-एचडब्ल्यूसी हैं जहां लोग मुफ्त प्राथमिक देखभाल सुविधाओं, निदान और दवाओं का लाभ उठा रहे हैं। अब तक, हमने एबी-एचडब्ल्यूसी में 195 करोड़ से अधिक लोगों की उपस्थिति हासिल की है।”    इस कार्यक्रम में कई सांसद, विधायक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। ऑनलाइन माध्यम से कुल 50 लाख से अधिक लोग जुड़े और इस शुभारंभ कार्यक्रम को देखा।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने वर्चुअल माध्यम से ‘आयुष्मान भव’ अभियान का शुभारंभ किया


यह ऐतिहासिक शुभारंभ सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) हासिल करने और सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग है। यह विशेष रूप से वंचितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता एवं सामर्थ्य को और बेहतर बनाने का प्रयास है: महामहिम राष्ट्रपति


“स्वास्थ्य सेवाओं को देश के अंतिम छोर तक पहुंचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने हेतु ‘आयुष्मान भव’ अभियान द्वारा अपनाया गया बहु-मंत्रालयी दृष्टिकोण इस दिशा में किए गए प्रयास को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा”


“सबका साथ सबका विकास” के साथ ‘आयुष्मान भव’ स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल बनकर उभरेगा। यह पहल सभी को साथ लेकर चलने और किसी को पीछे न छोड़ने के सिद्धांत के अनुरूप क्रियान्वित की जा रही है: डॉ. मांडविया


“आयुष्मान भव पहल के साथ, भारत स्वास्थ्य सेवा को किफायती और सुलभ बनाने के मामले में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। आयुष्मान भव के तहत, स्वास्थ्य मेले और चिकित्सा शिविर एक महत्वपूर्ण घटक हैं जो सभी एचडब्ल्यूसी और सीएचसी में सप्ताह में एक बार आयोजित किए जायेंगे”


आयुष्मान भव अभियान सभी के लिए बेहतर स्वास्थ्य और सभी के लिए उपचार के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास है: डॉ. मांडविया


17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2023 तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘सेवा पखवाड़ा’


महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित राजभवन से वर्चुअल माध्यम से दूरदर्शी ‘आयुष्मान भव’ अभियान के साथ-साथ आयुष्मान भव पोर्टल का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति के साथ केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, केन्द्रीय मंत्रीगण, केन्द्रीय  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार एवं प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल, गुजरात के वित्त मंत्री श्री कनुभाई मोहनलाल देसाई, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी. के. पॉल और विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री शामिल हुए।








राष्ट्र को संबोधित करते हुए, महामहिम राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य सेवाओं को देश के अंतिम छोर तक पहुंचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने हेतु ‘आयुष्मान भव’ अभियान द्वारा अपनाए गए बहु-मंत्रालयी दृष्टिकोण की प्रशंसा की और कहा कि यह इस दिशा में किए गए प्रयास को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा, “इस अभियान और पोर्टल का यह ऐतिहासिक शुभारंभ सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) हासिल करने और सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग है क्योंकि यह विशेष रूप से वंचितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता एवं सामर्थ्य को और बेहतर बनाने का प्रयास है।”




“अंत्योदय”, जिसका अर्थ 'सभी के लिए अच्छा स्वास्थ्य और कोई भी पीछे न छूटे' है, के दर्शन को रेखांकित करते हुए, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इस प्रयास में स्थानीय शासन की भागीदारी एवं सहयोग की सराहना की और कहा कि जो ग्राम पंचायतें अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करेंगी उन्हें आयुष्मान ग्राम पंचायत घोषित किया जाएगा। तय समय में निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार की भूमिका एवं प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने सेवा पखवाड़ा (17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2023 के दौरान शुरू होने वाली) पहल की सराहना की, जो यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं हासिल हों।




महामहिम राष्ट्रपति ने आयुष्मान कार्ड तक पहुंच को और अधिक सुविधाजनक बनाने, एबीएचए आईडी बनाने और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं तथा गैर-संचारी रोगों, तपेदिक एवं सिकल सेल रोग जैसी बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने संबंधी ‘आयुष्मान भव’ के लक्ष्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भव के तीन घटकों- आयुष्मान - आपके द्वार 3.0, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों (एचडब्ल्यूसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य क्लीनिकों (सीएचसी) में आयुष्मान मेलों और हर गांव एवं पंचायत में आयुष्मान सभाओं - के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति में काफी तेजी आएगी और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी जिससे एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने हर गांव और जिले को डिजिटल रूप से शामिल करने के लिए देश को मिली प्रशंसा पर भी प्रकाश डाला, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने में काफी मदद मिली है।




इस अवसर पर बोलते हुए, डॉ. मांडविया ने स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित प्रयासों में महामहिम राष्ट्रपति के समर्थन की सराहना की। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, उन्होंने कहा, ''’सबका साथ सबका विकास’ के साथ ‘आयुष्मान भव’ स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल बनकर उभरेगा। यह पहल “सभी को साथ लेकर चलने और किसी को पीछे न छोड़ने” के सिद्धांत के अनुरूप क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, “आयुष्मान भव पहल के साथ, भारत स्वास्थ्य सेवा को किफायती और सुलभ बनाने के मामले में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। आयुष्मान भव के तहत, स्वास्थ्य मेले और चिकित्सा शिविर एक महत्वपूर्ण घटक हैं जो सभी एचडब्ल्यूसी और सीएचसी में सप्ताह में एक बार आयोजित किए जायेंगे। उन्होंने आगे कहा, “आयुष्मान भव पहल के शुभारंभ के अलावा, अंग दान और रक्तदान संकल्प अभियान भी आयोजित किए जायेंगे जो नेक पहल हैं जिन्हें हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए।”


प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत और स्वस्थ विश्व के दृष्टिकोण को याद करते और दोहराते हुए डॉ. मांडविया ने कहा, “प्रधानमंत्री ने मानवता की सेवा को सर्वोच्च महत्व दिया है और देश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से बेहतर इसका कोई और उदहारण हो नहीं सकता है। पहले लोगों को सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, ये सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं अब सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध करायी जायेंगी, जिसमें गैर-संचारी रोगों की जांच, टेली-परामर्श, मुफ्त दवाएं और निदान आदि से जनता को लाभ होगा।”


केन्द्रीय मंत्री ने कहा, “आज, लगभग एक लाख नि-क्षय मित्र उन 10 लाख टीबी रोगियों की देखभाल कर रहे हैं जिन्होंने इस पहल के लिए अपनी सहमति दी थी। यह हमें 2025 तक टीबी को समाप्त करने के माननीय प्रधानमंत्री के लक्ष्य को हासिल करने के करीब ले गया है।”


उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के महत्वपूर्ण प्रभाव की प्रशंसा करते हुए कहा, “पिछले 9 वर्षों में, देश के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है, जिसे जी20 शिखर सम्मेलन में आने वाले गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भी सराहा गया। आज, देश में 1.6 लाख से अधिक सक्रिय एबी-एचडब्ल्यूसी हैं जहां लोग मुफ्त प्राथमिक देखभाल सुविधाओं, निदान और दवाओं का लाभ उठा रहे हैं। अब तक, हमने एबी-एचडब्ल्यूसी में 195 करोड़ से अधिक लोगों की उपस्थिति हासिल की है।”


इस कार्यक्रम में कई सांसद, विधायक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। ऑनलाइन माध्यम से कुल 50 लाख से अधिक लोग जुड़े और इस शुभारंभ कार्यक्रम को देखा।

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Journalist Anil Prabhakar

Editor UPVIRAL24 NEWS