जनपद हमीरपुर की बेटी ने बढ़ाया गौरव : संगम शुक्ला को तीन स्वर्ण पदक
वरिष्ठ पत्रकार – अनिल कुमार प्रभाकर
हमीरपुर। जनपद हमीरपुर के विकास खण्ड कुरारा अंतर्गत ग्राम हरौलीपुर की प्रतिभाशाली छात्रा संगम शुक्ला ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्हें सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी की आचार्य (रामानुजवेदान्त) परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में तीन प्रतिष्ठित स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया।
संगम शुक्ला, राजेश शुक्ला एवं माधुरी शुक्ला की सुपुत्री हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासित अध्ययन के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य दीक्षान्त समारोह में उत्तर प्रदेश की माननीया राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में उन्हें रामकुवर बांगड़ सुवर्ण पदक, श्री चन्दन बहिन माधोसिंह परमार सुवर्ण पदक तथा श्री स्वामी माधवाचार्य सुवर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
एक ही विषय में तीन स्वर्ण पदक प्राप्त करना अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। यह सम्मान उनकी असाधारण प्रतिभा, कठोर परिश्रम, अनुशासित अध्ययन और गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। संगम शुक्ला की इस सफलता ने हरौलीपुर ग्राम, विकास खण्ड कुरारा तथा सम्पूर्ण हमीरपुर जनपद का मान बढ़ाया है।
दीक्षान्त समारोह में सम्मानित होने के बाद उनके माता-पिता, परिवारजनों, गुरुजनों एवं क्षेत्रवासियों में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
क्षेत्र के शिक्षकों एवं प्रबुद्धजनों ने कहा कि संगम शुक्ला की उपलब्धि ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता दर्शाती है कि समर्पण, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी विद्यार्थी उच्चतम शिखर तक पहुंच सकता है।
संगम शुक्ला की यह उपलब्धि संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी तथा विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान-परंपरा और उच्च शिक्षा के प्रति रुचि एवं उत्साह का संचार करेगी। यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।


