Breaking News

शनिवार, 22 अगस्त 2020

जनपद में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे है -जिलाधिकारी जालौन

जनपद में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे है -जिलाधिकारी जालौन

उरई जनपद जालौन उत्तर प्रदेश

उरई दिनांक 22 अगस्त 2020 कोरोना से जूझते हुए देश को 6 माह से भी ऊपर हो गया है , लेकिन इसके बचाव के लिए प्रत्येक स्तर पर निरंतर कार्य किया जा रहा है । जिला प्रशासन , स्वास्थ्य विभाग , नगर पालिका आदि के साथ पूरे लगातार अभियान चलाया जा रहा है । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि जनपद में भी अब आरटीपीसीआर, दूननेट व एंटीजन तीनों प्रकार की जांच के माध्यम से प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा रही है । 22 अगस्त तक 34 हजार से अधिक लोगों का सैंपल लेकर जांच हो चुकी है , जिसमें अभी तक कुल 1056 लोग पॉजिटिव मिले है , इसमें 827 लोग सही भी हो चुके है । वर्तमान में जनपद में 233 कोरोना मरीज एक्टिव है । जनपद में मरीजों के इलाज और आइसोलेशन के लिए 2 एल -1 इकाई है 01 जमुना पैलेस 01 मधुवन विला संचालित है । इसके अलावा एल .2 इकाई राकीय मेडिकल कॉलेज में संचालित है जहां कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को रखा जा रहा है । जनपद में अब होम आइसोलेशन की भी मंजूरी हो गयी है । जिन कोरोना संक्रमितों को लक्षण नहीं हैं , उन्हें सरकार द्वारा प्रतिपादित गाइडलाइन के अनुसार घर पर आइसोलेट होने की मंजूरी दी जा रही है । वर्तमान में 50 से अधिक लोगों को घरों में आइसोलेट किया गया है , जिसकी मानीटरिंग प्रशासन के द्वारा की जा रही है । जनपद में होटल श्रीहरि एनेक्सी में भी आइसोलेशन की सुविधा है , जिसमें आइसोलेशन के लिए शासन द्वारा निर्धारित शुल्क अदा करना होता टेलीमेडिसिन ( ई.संजीवनी ) ओपीडी सेवा भी संचालित- वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लोगों को अस्पताल के चक्कर न लगाने पड़े , इसको ध्यान में रखते हुए घर बैठे चिकित्सीय परामर्श सेवा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा टेलीमेडिसिन ( ई.संजीवनी ) ओपीडी सेवा शुरू की गई है । जिससे अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित कर कोरोना के खतरे को कम किया जा सके और जन समुदाय को सुलभता और सरलता से परामर्श सेवाएं प्राप्त हो सकें । ई.संजीवनी एप या वेबसाइट के माध्यम से मरीज खुद का रजिस्ट्रेशन करके ओपीडी सेवा ले सकता है । ई.संजीवनी एप प्ले स्टोर से डाउनलोड की जा सकती है । जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है उनके लिए उपकेंद्र स्तरीय हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर ( सीएचओ ) व एएनएम के द्वारा टेबलेट का उपयोग कर ई.संजीवनी की सुविधा प्रदान की जा रही है । इस समय 50 हेल्थ वेलनेस सेंटर में यह सुविधा दी जा रही है । कोविड .19 के साथ मच्छर जनित रोगों से बचाव में लगा मलेरिया विभाग- जहां एक और कोविड -19 से लोग जूझ रहे है , वही बारिश के मौसम में मच्छर जनित रोगों जैसे मलेरिया , डेंगू के फैलने की संभावना बढ़ जाती है । जिला मलेरिया अधिकारी जीएस स्वर्णकार ने बताया कि शहरी क्षेत्र के 34 वार्डों में टीम बनाकर फागिंग कराई जा रही है । जनवरी से अब तक दो गांव , 48 वार्ड और 57 मोहल्लों में फागिंग कराई जा चुकी है । सोर्स रिडक्शन के काम में 325 टीमें लगी है । टीम ने 5677 घरों का सर्वेक्षण किया है । जहां मच्छर पाए जाने की संभावना पर 165 पात्र खाली कराए है । पांच घरों में मच्छरों के लार्वा मिलने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है । उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक 7851 रक्त स्लाइड बनाई गई है । जिसमें 11 केस धनात्मक निकले ।


संवाददाता,  Journalist Anil Prabhakar.
               www.upviral24.in 

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Post Top Ad

Pages