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गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

मुख्यमंत्री योगी ने कामगारों/श्रमिकों से वापस आने के लिए पैदल यात्रा न करने की अपील की Chief Minister Yogi appeals to workers not to travel on foot to return

मुख्यमंत्री योगी ने कामगारों/श्रमिकों से वापस आने के लिए पैदल यात्रा न करने की अपील की  Chief Minister Yogi appeals to workers not to travel on foot to return      संवाददाता, Journalist Anil Prabhakar.                 www.upviral24.in

मुख्यमंत्री योगी ने कामगारों/श्रमिकों से वापस आने के लिए पैदल यात्रा न करने की अपील की  Chief Minister Yogi appeals to workers not to travel on foot to return      संवाददाता, Journalist Anil Prabhakar.                 www.upviral24.in

उ0प्र0 मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों में स्थित उत्तर प्रदेश के प्रवासी कामगारों / श्रमिकों से वापस आने के लिए पैदल यात्रा न करने की अपील की अपने प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रदेश सरकार सम्बन्धित राज्य सरकारों से सम्पर्क में अन्य राज्यों से प्रदेश के प्रवासी कामगारों / श्रमिकों को वापस लाने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए प्रदेश के बॉर्डर को पूरी तरह सील किया जाए , सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए 10 लाख लोगों के लिए तत्काल क्वारंटीन सेन्टर / शेल्टर होम तथा कम्युनिटी किचन तैयार किये जाएं नोएडा के साथ ही दिल्ली से भी उत्तर प्रदेश के छात्र - छात्राओं को वापस लाने के लिए वहां की सरकार से सम्पर्क किया जाए अतिरिक्त वेटिलेटर्स की तात्कालिक आवश्यकता होने पर पोर्टेबल वेंटिलेटर्स मंगाए जाएं प्रवासी श्रमिकों की सुगमता से जांच के लिए सभी जनपदों में इन्फ्रा - रेड थर्मामीटर उपलब्ध कराए जाएं पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय , मथुरा तथा लखनऊ स्थित सी0डी0आर0आई0 , आई0आई0टी0आर0 तथा बी०एस०आई०पी० की टेस्टिंग क्षमता के उपयोग पर विचार किया जाए कोविड - 19 से प्रभावित आर्थिक गतिविधियां के दृष्टिगत राजस्व के वैकल्पिक स्रोतों में वृद्धि करनी पड़ेगी कैश फ्लो ' में वृद्धि के लिए योजना बनाकर कार्यवाही किये जाने पर बल लखनऊ : 30 अप्रैल , 2020 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अन्य राज्यों में स्थित उत्तर प्रदेश के प्रवासी कामगारों / श्रमिकों से घर वापस आने के लिए पैदल यात्रा न करने की अपील की है । उन्होंने कहा कि अपने प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रदेश सरकार सम्बन्धित राज्य सरकारों से सम्पर्क में है । प्रदेश सरकार ने सम्बन्धित राज्य सरकारों से प्रवासी श्रमिकों के नाम , पते , टेलीफोन नम्बर तथा स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति सहित सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है , ताकि उनकी सुरक्षित वापसी की कार्य योजना को आगे बढ़ाया जा सके । मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे । उन्होंने कहा कि अब तक दिल्ली से लगभग 04 लाख प्रवासी श्रमिक एवं कामगार , हरियाणा से 12 हजार श्रमिक , कोटा राजस्थान से साढ़े ग्यारह हजार छात्रों की प्रदेश में सुरक्षित वापसी हो चुकी है । इसी प्रकार प्रयागराज में अध्ययनरत 15 हजार से अधिक प्रतियोगी छात्रों को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सुरक्षित उनके घर भेजा गया है । उन्होंने निर्देश दिये कि इसी प्रकार अन्य राज्यों से प्रदेश के प्रवासी कामगारों / श्रमिकों को वापस लाने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए । उन्होंने कहा कि प्रदेश वापसी से पूर्व , प्रवासी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाए । मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि प्रदेश के बॉर्डर को पूरी तरह सील किया जाए । सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए । यह सुनिश्चित किया जाए कि नेपाल राष्ट्र सहित अन्य राज्यों से बगैर अनुमति कोई प्रदेश में आने न पाये । उन्होंने कहा कि 10 लाख लोगों के लिए तत्काल क्वारंटीन सेन्टर / शेल्टर होम तथा कम्युनिटी किचन तैयार किये जाएं . जहां आने वाले प्रवासी मजदूरों को तात्कालिक रूप से रखा जा सके । क्वारंटीन सेन्टर / शेल्टर होम स्थापना के लिए बड़े कॉलेजों का उपयोग किया जाए । इनमें कम्युनिटी किचन , शौचालय व सुरक्षा सहित सभी जरूरी सुविधाएं अवश्य उपलब्ध रहनी चाहिए । मुख्यमंत्री जी ने कहा कि होम क्वारंटीन किये गये लोगों की निगरानी के लिए निगरानी समितियां गठित की जाएं । इन समितियों में युवक मंगल दल , नेहरू युवा केन्द्र , एन०एस०एस० , एन0सी0सी0 आदि का सहयोग लिया जाए । भोजन तैयार करने में भी महिला स्वयंसेवी समूहों को जोड़ा जाए । उन्होंने कहा कि क्वारंटीन सेन्टर / शेल्टर होम से प्रवासी श्रमिकों को स्वास्थ्य परीक्षण के उपरान्त घर भेजा जाए । घर भेजते समय सभी श्रमिकों को राशन की किट उपलब्ध करायी जाए । मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि नोएडा के साथ दिल्ली से भी उत्तर प्रदेश के छात्र - छात्राओं को वापस लाने के लिए वहां की सरकार से सम्पर्क किया जाए । उन्होंने कहा कि नोएडा , गाजियाबाद तथा अलीगढ़ से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वापस जाने वाले छात्रों की सूची तैयार करायी जाए । इन छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की जाए । इन जनपदों में अध्ययनरत अन्य राज्यों के छात्रों की सूची तैयार करते हुए इन्हें इनके गृह राज्य वापस भेजने के लिए सम्बन्धित प्रदेश सरकार से सम्पर्क किया जाए । इस कार्यवाही को सम्पन्न करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की जाए । मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि लॉजिस्टिक्स की दैनिक समीक्षा की जाए । भारत सरकार के मानकों के अनुरूप पी0पी0ई0 किट , एन - 95 मास्क सहित विभिन्न सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए । मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अतिरिक्त वेंटिलेटर्स की तात्कालिक आवश्यकता होने पर पोर्टेबल वेंटिलेटर्स मंगाए जाएं । सभी जनपदों में इन्फ्रा - रेड थर्मामीटर उपलब्ध कराए जाएं , ताकि प्रवासी श्रमिकों की सुगमता से जांच की जा सके । एल - 2 अस्पताल में प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन तथा एल - 3 चिकित्सालय में प्रत्येक बेड पर वेंटिलेटर की व्यवस्था होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि कोविड - 19 का उपचार करने में सक्षम निजी चिकित्सालयों को उपचार की अनुमति दी जाए । यदि कोई रोगी ऐसे अस्पतालों में अपना इलाज कराना चाहता है तो उसके लिखित अनुरोध पर प्राइवेट / कॉरपोरेट चिकित्सालय में इलाज की स्वीकृति प्रदान की जाए । मुख्यमंत्री जी ने कहा कि टेस्टिंग के लिए प्रदेश में उपलब्ध समस्त संसाधनों का उपयोग किया जाए । इसके दृष्टिगत पं0 दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ - अनुसंधान संस्थान , मथुरा तथा लखनऊ स्थित केन्द्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान ( सी0डी0आर0आई0 ) . भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान ( आई0आई0टी0आर0 ) तथा बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान ( बी0एस0आई0पी0 ) जैसे उच्चस्तरीय शोध संस्थानों की टेस्टिंग क्षमता का उपयोग करने पर विचार किया जाए । उन्होंने कहा कि जनपद सहारनपुर में एक लैब क्रियाशील की जानी चाहिए । प्रत्येक मण्डल मुख्यालय पर टेस्टिंग लैब स्थापित होनी चाहिए । प्रयास यह होना चाहिए कि आगामी एक सप्ताह में उत्तर प्रदेश टेस्टिंग क्षमता की दृष्टि से देश का नम्बर वन राज्य बन जाए । मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आयुष के चिकित्सकों , नर्सिंग तथा पैरामेडिकल के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए . ताकि आवश्यकता पड़ने पर इनकी  सेवाएं भी प्राप्त की जा सकें । उन्होंने कहा कि प्रदेश के एल - 1 , एल - 2 तथा एल - 3 कोविड चिकित्सालयों में 52 हजार बेड की व्यवस्था करते हुए . इसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर 01 लाख बेड किया जाना है । मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविङ - 19 से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं । इसलिए राजस्व के वैकल्पिक स्रोतों में वृद्धि करनी पड़ेगी । इसके दृष्टिगत फ्री - होल्ड की कार्यवाही की जाए । इसके लिए एक कमेटी गठित कर इस कार्य को तेजी प्रदान की जाए । उन्होंने कैश फ्लो में वृद्धि के लिए योजना बनाकर कार्यवाही किये जाने पर भी बल दिया । उन्होंने कहा कि निवेश बढ़ाने के लिए आकर्षक नीति तैयार की जाए । मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि प्रत्येक खाद्यान्न गोदाम में एक अधिकारी तैनात किया जाए । उन्होंने कहा कि प्रत्येक राशन की दुकान पर भी एक अधिकारी की तैनाती की जानी चाहिए , जो यह सुनिश्चित करे कि वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन हो तथा किसी भी दशा में घटतौली न होने पाए । उन्होंने कहा कि मण्डी पूरे दिन खुली रहे , जिससे वहां भीड़ एकत्र न होने पाये तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी हो सके । इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना , स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह , स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री अतुल गर्ग , मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी , कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा , अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री आलोक टण्डन , अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी , अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार , अपर मुख्य सचिव वित्त श्री संजीव मित्तल , पुलिस महानिदेशक श्री हितेश सी0 अवस्थी , प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ0 रजनीश दुबे , प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद , प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल एवं श्री संजय प्रसाद , प्रमुख सचिव एम०एस०एम०ई० श्री नवनीत सहगल , प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज श्री मनोज कुमार सिंह , प्रमुख सचिव खाद एवं रसद श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा , प्रमुख सचिव कृषि डॉ0 देवेश चतुर्वेदी , प्रमुख सचिव पशुपालन श्री भुवनेश कुमार , सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार , सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे । 

Uttar Pradesh Chief Minister appealed to the migrant workers/workers of Uttar Pradesh located in other states not to travel on foot to come back for the safe return of their migrant workers and workers. Effective arrangements should be ensured to bring back the workers/workers. Be sealed in the same way, vigilance should be done in the border areas, immediate quarantine center/shelter home and community kitchens should be prepared for 10 lakh people, Government of Uttar Pradesh to bring back students from Noida as well as Delhi. In case of urgent need of additional ventilators, portable ventilators should be called for the convenience of migrant workers. Infra-red thermometers should be made available in all the districts for investigation. The use of the testing capacity of CDRI, IITR, and BSIP at Veterinary Science University, Mathura, and Lucknow should be considered in alternative sources of revenue in view of economic activities affected by Covid-19. Will have to increase the force on planning and action to increase cash flow Now: April 30, 2020, Chief Minister Yogi Adityanath Ji has appealed to the migrant workers/workers of Uttar Pradesh located in other states not to travel on foot to return home. He said that the state government is in touch with the respective state governments for the safe return of their migrant workers and workers. The State Government has requested the concerned State Governments to provide complete details including the names, addresses, telephone numbers, and health test status of the migrant workers so that their safe return action plan can be carried forward. The Chief Minister was reviewing the lockdown system at a high-level meeting convened at Lok Bhawan here today. He said that so far about 04 lakh migrant laborers and workers from Delhi, 12 thousand laborers from Haryana, eleven and a half thousand students from Kota Rajasthan have been safely returned to the state. Similarly, more than 15 thousand competitive students studying in Prayagraj have been sent to their homes safely in different districts of the state. He directed that an effective arrangement should be ensured to bring back migrant workers/workers from other states. He said that before returning to the state, migrant workers should also be compulsorily tested. The Chief Minister directed that the border of the state be completely sealed. Vigilance should be taken in the border areas. It should be ensured that no one comes to the state without permission from other states including the nation of Nepal. He said that quarantine center/shelter home and community kitchens should be prepared for 10 lakh people immediately. Where the migrant laborers coming in can be placed immediately. Large colleges should be used for setting up the Quarantine Center / Shelter Home. These must have all the necessary facilities including a community kitchen, toilets, and security. The Chief Minister said that monitoring committees should be set up to monitor the people who are home quarantined. Cooperation of Youth Mangal Dal, Nehru Yuva Kendra, NSS, NCC, etc. should be taken in these committees. Women volunteer groups should also be involved in food preparation. He said that the migrant workers should be sent home after the health test from the Quarantine Center / Shelter Home. Ration kits should be provided to all workers at home. The Chief Minister instructed that along with Noida, the government of Uttar Pradesh should be approached to bring back the students of Uttar Pradesh from Delhi as well. He said that from Noida, Ghaziabad, and Aligarh the state A list of students going back to different districts should be prepared. Arrangements should be made to send these students home by conducting health tests. While preparing the list of students of other states studying in these districts, they should be contacted with the concerned state government for sending them back to their home states. An action plan should be prepared to complete this action. The Chief Minister directed that the logistics be reviewed daily. Ensure availability of various safety devices including PPE kits, N-95 masks as per the standards of Government of India. The Chief Minister said that portable ventilators should be called for when there is an urgent need for additional ventilators. Infra-red thermometers should be made available in all districts, so that migrant worker can be easily checked. There should be oxygen on each bed in L-2 hospital and ventilator on each bed in L-3 hospital. He said that private hospitals capable of treating Covid-19 should be allowed treatment. If a patient wants to get his treatment in such hospitals, then acceptance of treatment in private/corporate hospitals should be given on his written request. The Chief Minister said that all the resources available in the state should be used for testing. In view of this, Pt Deen Dayal Upadhyay University of Veterinary Sciences and Cow - Research Institute, Mathura and Central Drug Research Institute (CDRI), Lucknow. Consider the use of testing capabilities of high-end research institutes such as the Indian Institute of Toxicology Research (IITR) and the Birbal Sahni Institute of Archeology (BSIP). He said that a lab should be activated in the Saharanpur district. The testing lab should be established at each Circle Headquarters. Efforts should be made that Uttar Pradesh should become the number one state in the country in terms of testing capacity in the next week. The Chief Minister said that training should be provided to students of AYUSH, nursing, and paramedical students. So that their services can also be obtained when needed. He said that while arranging 52 thousand beds in L-1, L-2, and L-3 Covid hospitals in the state. It is to be increased in a phased manner to 01 lakh beds. Chief Minister said that economic activities have been affected since Covid-19. Therefore, alternative sources of revenue will have to be increased. In view of this, free-hold action should be taken. For this, a committee should be constituted to expedite this work. He also stressed on planning and taking action to increase cash flow. He said that an attractive policy should be formulated to increase investment. The Chief Minister directed that an officer should be posted in every food warehouse. He said that an officer should also be posted at each ration shop to ensure that there is a thorough adherence to social distancing and that there should not be any incident. He said that the mandi should remain open throughout the day so that the crowd does not gather there and social distancing can also be followed. On this occasion, Medical Education Minister Mr. Suresh Khanna, Health Minister Mr. Jai Pratap Singh, Minister of State for Health Mr. Atul Garg, Chief Secretary Mr. RK Tiwari, Agriculture Production Commissioner Mr. Alok Sinha, Infrastructure and Industrial Development Commissioner Mr. Alok Tandon, Additional Chief Secretary Information and Home Shri Avnish Kumar Awasthi, Additional Chief Secretary Revenue Mrs. Renuka Kumar, Additional Chief Secretary Finance Mr. Sanji And Mittal, Director General of Police Mr. Hitesh C. Awasthi, Principal Secretary Medical Education Dr. Rajneesh Dubey, Principal Secretary Health Mr. Amit Mohan Prasad, Principal Secretary Chief Minister Mr. SP Goel and Mr. Sanjay Prasad, Principal Secretary MSME Mr. Navneet Sehgal, Principal Secretary Rural Development and Panchayati Raj. Shri Manoj Kumar Singh, Principal Secretary Fertilizer and Logistics Smt Nivedita Shukla Verma, Principal Secretary Agriculture Mr. Devesh Chaturvedi, Principal Secretary Animal Husbandry Mr. Bhuvnesh Kumar, Chief Secretary Alok Kumar, Director Information other senior officials, including Mr. Shishir.





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